शिक्षा दीक्षा – चिराग पटेल


शिक्षा की जब मिलती है दीक्षा,
फ़ैल जाता उजियारा जीवन में ।
आँखे हो भले खुली पहले से,
शस्त्र नए सजाकर हम जग जाते ।
ज्योत से ज्योत, जले दिये से दिये,
हवाएं नई सी, जगत नया सा दिखे ।
न देखे जात-पात, न कोई धरम,
एक समान रंग बिखेरती, बच्चे-बच्चे ।
कच्चे धागें बुनकर बनतें पक्के,
पशु भी शिक्षा से करते काम अनोखे ।
सुन्दर मूर्तियाँ पत्थर से बनाती शिक्षा,
रख देती सारे विश्व को हमारी मुठ्ठी में ।
विद्या को हम पूजते आये सदियों से,
सब शिक्षाधाम होते मंदिर हमारे ।
राष्ट्र को मजबूत बनाती सदा
शिक्षा, समाज को सदैव सक्षम रखे ।
सब कलियाँ गुलशन की हो विकसित,
न्यारा-प्यारा प्रेम फैलाता बनायें ।
आओ, मिलकर देखें एक सपना,
हर बच्चा शिक्षित, भारत सबसे आगे ।

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